Wednesday, February 6, 2019

RBI की मौद्रिक नीति की बैठक से पहले शेयर बाजार में थोड़ी मायूसी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक शुरू होने से पहले मंगलवार को शेयर बाजारों की शुरुआत मिली-जुली रही. घरेलू और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच निवेशकों का रुख सावधानी भरा है.

दरअसल, देश के शेयर बाजार आज मामूली गिरावट के साथ खुले. सेंसेक्स सुबह 9.7 अंकों की गिरावट के साथ 36,573.04 पर, जबकि निफ्टी 3.6 अंकों की कमजोरी के साथ 10,908.65 पर खुला.  

बीएसई का 30 कंपनियों का शेयर सूचकांक सेंसेक्स 42.81 अंक यानी 0.12 फीसदी घटकर 36,539.93 अंक पर चल रहा है. इसी तरह एनएसई का 50 कंपनियों का सूचकांक निफ्टी 16.45 अंक यानी 0.15 फीसदी गिरकर 10,895.80 अंक पर चल रहा है. सोमवार को सेंसेक्स 113.31 अंक चढ़कर 36,582.74 अंक पर और निफ्टी 18.60 अंक बढ़कर 10,912.25 अंक पर बंद हुआ था.

ब्रोकरों के अनुसार रिजर्व बैंक की तीन दिन चलने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से पहले निवेशकों का रुख सावधानी भरा है. रिजर्व बैंक की बैठक आज शुरू होनी है. शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा नुकसान में भारती एयरटेल का शेयर रहा, यह चार फीसदी घटकर चल रहा है. इसकी अहम वजह मूडीज द्वारा कंपनी की क्रेडिट रेटिंग एक स्तर घटाया जाना है.

साल 2018-19 के दौरान आयकर विभाग के पास जांच के लिए ऐसे 1,34,574 मामले चुने गए. साल 2017-18 के दौरान आयकर इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 142 (1) के तहत 2,99,937 जमाकर्ताओं को नोटिस भेजा गया, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बड़ी रकम जमा की थी, लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न नहीं दाखिल किया.

गौरतलब है कि आयकर विभाग को यह आशंका पहले से थी कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद काला धन रखने वाले लोग बड़ी मात्रा में पुराने नोट बैंक में जमा करने की कोशिश करेंगे, इसलिए विभाग ने इस पर अंकुश के लिए तमाम कदम उठाए थे. सबसे पहले यह नियम आया कि 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के बीच 2.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा के लिए PAN अनिवार्य होगा. लेकिन लोगों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया था और 50 हजार रुपये से कम के टुकड़े-टुकड़े में जमा करते रहे. इसके बाद एनुआल इनफॉर्मेशन रिटर्न रूल 

में बदलाव किए गए. बैंकों और पोस्ट ऑफिस के लिए यह अनिवार्य बनाया गया कि 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के बीच बचत खाता में 2.5 लाख से ज्यादा नकद जमा और चालू खाते में 12.5 से ज्यादा नकद जमा के लिए AIR हो यानी आयकर विभाग को इसक जानकारी दी जाए. इन सबकी वजह से ऐसे सभी बड़ी जमाओं का पता लग गया जिनके आय का स्रोत स्पष्ट नहीं था.

संसद में एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने इस बारे में आंकड़ा दिया था कि किस राज्य में ऐसे जांच वाले कितने मामले हैं. उन्होंने बताया था कि 2018-19 के दौरान इस मामले में सबसे आगे गुजरात था. इसके बाद कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना हैं. साल 2017-18 के दौरान तमिलनाडु सबसे आगे था, जिसके बाद गुजरात का स्थान था.

Monday, February 4, 2019

नए खर्च से सरकार का घाटा 3.4% तक रहना मुश्किल

अंतरिम बजट में 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों के लिए 75,000 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया है। हर किसान को सालाना 6,000 रु. दिए जाएंगे। प्रावधान दिसंबर 2018 से लागू होगा। इसलिए मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 20,000 करोड़ दिए गए हैं। मध्य वर्ग को राहत देते हुए 5 लाख रुपए तक करयोग्य आय पर टैक्स खत्म करने और वेतनभोगी वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 से बढ़ाकर 50 हजार रु. करने का प्रावधान है। 20,000 करोड़ के नए खर्च के कारण विश्लेषकों को इस वर्ष 3.4% राजकोषीय घाटे पर संदेह है। जीएसटी कलेक्शन भी पुराने अनुमान से एक लाख करोड़ रु. घट गया है। हालांकि कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 50,000 ज्यादा रहने की उम्मीद है।

रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई उपाय किए गए हैं। एक छूट धारा 54 के तहत दी गई है। 2 करोड़ रुपए तक के कैपिटल गेन से दो घर खरीदे जा सकते हैं। उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। पहले यह छूट एक घर तक थी। किसी के पास दो घर हैं तो दूसरे घर पर नोशनल किराया नहीं लगेगा। अभी इस किराए को आय में जोड़कर टैक्स लगता है। डेवलपर्स के लिए भी बिना बिके घरों पर नोशनल किराया एक के बजाय दो साल बाद लागू होगा। इससे डेवलपर्स को घर बेचने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

आईसीआईसीआई बैंक चंदा कोचर को कोई लाभ नहीं देगा
सीबीआई और ईडी ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी एवं सीईओ चंदा कोचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन पर वीडियोकॉन ग्रुप को कर्ज देने में आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और पद के गलत इस्तेमाल के आरोप हैं। सीबीआई के मुकदमे में चंदा के पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत के भी नाम हैं। ईडी ने मनीलॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। बैंक द्वारा नियुक्त जस्टिस श्रीकृष्ण समिति ने भी अपनी जांच में चंदा को दोषी पाया है। इसके बाद बैंक ने अप्रैल 2009 से मार्च 2018 तक चंदा को दिया पूरा बोनस वापस लेने का फैसला किया है। उन्हें दूसरे लाभ भी नहीं मिलेंगे। 

एनसीएलटी में आरकॉम का जल्दी समाधान की उम्मीद 
अनिल अंबानी समूह की कंपनी आरकॉम मुंबई एनसीएलटी में बैंकरप्सी यानी दिवालिया याचिका दायर करेगी। एसेट बेचकर कर्ज लौटाने की योजना अब तक विफल रही है। कंपनी पर 40 बैंकों और वित्तीय संस्थाओं का करीब 45,000 करोड़ रु. का कर्ज है। सालभर में 45 बैठकों के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका है। हाईकोर्ट, टीडीसैट और सुप्रीम कोर्ट में कंपनी के खिलाफ कई केस लंबित हैं। एनसीएलटी में समाधान जल्दी निकलने की उम्मीद है।

जेट एयर ने कर्ज के लिए एतिहाद की ज्यादातर शर्तें मानीं
नरेश गोयल की जेट एयरवेज ने कर्ज के लिए साझीदार कंपनी एतिहाद एयर की ज्यादातर शर्तें मान ली हैं। गोयल चेयरमैन पद से हटेंगे। एयरलाइन में उनकी हिस्सेदारी 51% से घटकर 22% रह जाएगी। उनके बेटे निवान गोयल को बोर्ड में सीट मिलेगी। एतिहाद की इक्विटी 24% से बढ़कर 40% हो जाएगी। कुछ औपचारिकताएं 14 फरवरी को बोर्ड मीटिंग में पूरी होंगी। इसके बाद 21 फरवरी को ईजीएम रखी गई है। एसबीआई समेत कुछ बैंक अपने कर्ज को इक्विटी में बदलेंगे। एयरलाइन में इनकी हिस्सेदारी करीब 30% हो जाएगी। एतिहाद 150 रु. प्रति शेयर के भाव पर निवेश करेगी। यह मौजूदा शेयर मूल्य 265 रु. से बहुत कम है। एतिहाद की ओपन ऑफर नहीं लाने की शर्त को सेबी की मंजूरी का इंतजार है। जेट में 20,000 लोगों की नौकरी दांव पर है।