भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने मेजबान हॉन्गकॉन्ग को लगातार दूसरे मैच में 1-0 से हराया। मैच का एकमात्र गोल फॉरवर्ड प्यारी शाशा ने किया। भारतीय टीम ने पहले मैच में हॉन्गकॉन्ग को 5-2 से हराया था। भारतीय टीम अब इंडोनेशिया जाएगी। वहां 27 और 30 जनवरी को इंडोनेशिया की महिला फुटबॉल टीम से फ्रेंडली मैच खेलेगी।
पहले हॉफ में कोई टीम नहीं कर पाई गोल
मैच में भारत की शुरुआत अच्छी रही। उसकी फॉरवर्ड डैंगमेई ग्रेस, इंदुमती और अंजू तमांग ने कई हमले किए। हालांकि, घरेलू मैदान पर खेल रही हॉन्गकॉन्ग की भारतीय टीम की कोशिशें नाकाम कर दीं।
17वें मिनट में कोच मेमोल रॉकी की टीम ने 18 गज के बॉक्स से थोड़ी दूर पर फ्रीकिक हासिल की, लेकिन हॉन्गकॉन्ग के डिफेंस के आगे रतनबाला देवी का शॉट बेकार चला गया।
हॉन्गकॉन्ग की गोलकीपर युयेन की एनजी का प्रदर्शन शानदार रहा। शायद यही वजह रही कि पहले हॉफ का खेल खत्म होने तक मैच में एक भी गोल नहीं हो पाया था।
युयेन ने हॉफ टाइम तक छह बार गेंद को गोलपोस्ट में जाने से रोका। दुर्भाग्यवश, मैच के आखिरी क्षणों में शाशा के पैर में चोट लग गई। उनकी जगह संध्या रंगनाथन को रिप्लेस किया गया।
जापान की नाओमी ओसाका और चेक गणराज्य की पेट्रा क्वितोवा ने गुरुवार को यहां साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में वुमन्स सिंगल्स के फाइनल में प्रवेश किया। दोनों खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में पहली बार फाइनल में पहुंचने में सफल हुईं हैं। ओसाका ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचने वाली एशिया की दूसरी टेनिस खिलाड़ी हैं। उनसे पहले चीन की ली ना ने तीन बार (2011, 2013, 2014) इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई थी। ली 2014 में चैम्पियन भी बनी थीं। उधर, मेन्स सिंगल्स में स्पेन के राफेल नडाल ने खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
क्वितोवा किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में तीसरी बार पहुंचीं
क्वितोवा ने पहले सेमीफाइनल में अमेरिका की डेनियला कोलिंस को 7-6, 6-0 से हराया। इससे पहले क्वितोवा का ऑस्ट्रेलियन ओपन में सबसे अच्छा प्रदर्शन 2012 में रहा था। तब वे सेमीफाइनल में पहुंची थीं।
दुनिया की 8वें नंबर की महिला टेनिस खिलाड़ी क्वितोवा किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में तीसरी बार पहुंचीं। इससे पहले उन्होंने 2011 और 2014 में विम्बलडन फाइनल खेला था और दोनों बार चैम्पियन बनीं।
मैच के दौरान क्वितोवा ने दो और कोलिंस ने एक ऐस लगाए, जबकि दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक डबल फाल्ट किए। वहीं, क्वितोवा ने पांच और कोलिंस ने चार बेजा गलतियां कीं।
क्वितोवा ने 13 विनर और एक विनिंग रिटर्न लगाया। वहीं, कोलिंस चार विनर ही लगा पाईं। इसी तरह क्वितोवा पांच में से तीन ब्रेक पॉइंट पर अंक हासिल करने में सफल रहीं। वहीं, कोलिंस कोई अंक नहीं पा पाईं।
No comments:
Post a Comment