Sunday, November 4, 2018

बिन बुलाए मनोज तिवारी केजरीवाल के मंच पर क्यों आना चाहते थे

दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज के आधिकारिक उद्घाटन से पहले रविवार को इसका श्रेय लेने के लिए बीजेपी और दिल्ली प्रदेश में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के लोग भिड़ गए.

दिल्ली बीजेपी प्रमुख मनोज तिवारी की आप कार्यकर्ताओं और पुलिस से हाथापाई हुई. तिवारी को उद्घाटन समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था फिर भी वो रविवार की शाम 3.30 बजे पहुंच गए.

वो भजनपुरा की तरफ़ से ब्रिज पर आने की कोशिश कर रहे थे. तिवारी उत्तर-पूर्वी दिल्ली से लोकसभा सांसद हैं और ये ब्रिज भी इसी इलाक़े में है. तिवारी का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें पुल पर आने से रोक दिया. मनोज तिवारी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे.

तिवारी और उनके समर्थक किसी तरह से आगे बढ़े तो रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवानों ने रोक दिया. तिवारी उद्घाटन मंच के पास जाने की कोशिश कर रहे थे. इसका नतीजा यह हुआ कि तिवारी और उनके समर्थक पुलिस से उलझ गए.

इसी बीच आप के कार्यकर्ता भी आ गए और मामला बढ़ गया. बीजेपी का आरोप है कि पुलिस और आप के कार्यकर्ताओं ने मनोज तिवारी के साथ दुर्व्यवहार किया है.

पूरे मामले पर दिल्ली के जॉइंट कमिश्नर रविंद्र यादव ने कहा है कि उद्घाटन आयोजक नहीं चाहते थे कि तिवारी मंच पर आएं इसलिए उन्हें रोका गया. यादव ने कहा कि किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस ने अपना काम किया.

केरल के सबरीमला मंदिर के आसपास 'चिथिरा आट्टाथिरुनल' त्योहार से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. अयप्पा भगवान का सबरीमला मंदिर सोमवार शाम में इसी त्योहार के मौक़े पर खुलने जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को सभी आयु वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर लगी पाबंदी ख़त्म कर दी थी. इसके बाद भी मंदिर में महिलाओं का प्रवेश संभव नहीं हो पाया है. जब भी मंदिर खुलता है तो हिन्दूवादी संगठन महिलाओं को रास्ते में ही रोकने के लिए आ जाते हैं.

यहां तक कि केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ बोल रही है. बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को वैसे ही फ़ैसले देने चाहिए जिन्हें पालन किया जा सके.

सबरीमला मंदिर के चारों तरफ़ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. कहा जा रहा है कि अगले दो दिन में महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली एक्टिविस्ट महिलाएं मंदिर में जा सकती हैं. दूसरी तरफ़ हिन्दूवादी कार्यकर्ता भी इन्हें रोकने की तैयारी में हैं.

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल को बैंकों से लिए क़र्ज़ जानबूझकर नहीं चुकाने वालों की लिस्ट नहीं जारी करने के मामले में कारण बताओ नोटिस भेजा है.

सीआईसी ने कहा है कि उर्जित पटेल ने लिस्ट सार्वजनिक नहीं करके सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की अवमानना की है. सीआईसी ने प्रधानमंत्री ऑफिस, वित्त मंत्रालय और आरबीआई से कहा है कि आरबीआई के पू्र्व गवर्नर रघुराम राजन ने डूबने वाले क़र्ज़ पर जो पत्र लिखा था उसे भी सार्वजनिक किया जाए.

सीआईसी ने कहा है कि क्यों न उर्जित पटेल के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनादर करने के मामले में अधिकतम जुर्माना लगा दिया जाए.